वो देखो,कौवा कान काटकर उड गया...
प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान के बाद. देशभर के कौवे फिलहाल तपतिश में लगे हुए है.वो कौनसा कौवा था,जो कान काटकर उड़ गया.कौवे इस बात से परेशान है.कौवो में भारी नाराजगी है. अब हर गली मोहल्ले,गांव,शहरके कौवोमे चर्चा है कि, हम तो पक्षी है,किसी सियासी पक्ष का हमारा कोई भी लेना देना नही है.हमारा किसीभी धर्म या मजहब में गिनती नही.हिंदू धर्म की माने तो हमे अछुतो में सुमार कर दिया गया.
किसीका बाप,दादा,को भी रिस्तेदार मर जाए तो उसकी आत्मा की शांती के लिए श्राद्ध पर मेरे अन्न को छूनेका इंतजार लोग करते है.खेतमे जब फसल आती तो गलोरसे से पत्थर बरसाते है.घरोमे तोता पालते हो,रंग रंगीले पंछी गार्डन में रखते है.कभी किसीको कौवा पालते देखा है , या गार्डन में देखा है?लेकिन श्राद्ध में अन्न को छूकर हिन्दू श्रद्धा के नुसार हिन्दुओ के मरे हुए व्यक्ति की मुक्ति कारवाने कौवे का इंतजार करते है.हम किसीको नाराज भी नही करते है.हा बस कुछ इंतजार करवाते है.
तो अब भारतभर के कौवोमें चर्चा ये भी चल रही के २०१४ के लोकसभा चुनाव के बाद सबके बँक खाते में १५ लाख रुपये आएंगे झूट चुनावी जुमले बावजूद हमने क्या कभी मोदीजी के कानको कौवे काटे हुए खबर को सुना है?सबका साथ सबका विकास जैसे कई जुमलों के बावजूद किसीभी भाजपा कार्यकर्ता को भी भारत भरसे कौवे के काटने की कोई भी खबर सुनने को नही आयी है.२०१४ से लेकर आज तक देश मे क्या और देश के बाहर किसने कई बार झूट बोला है .सारा इंडिया जानता है लेकिन देश क्या विदेसी क्या किसीभी कौवे की खबर आजतक,जी न्यूज,जैसे कोईभी न्यूज़ चैनल पर देखी या अखबारोमें पढ़ी नही होंगी.इसीलिए देशभर के कौवे परेशान है के,कौवो के बेवजह बदनामी की फरियाद किसीके पास करे ? इसिलये वो चिंतित है.
सरकार के खिलाफ कुछ कहे तो वह भी जानते है,देशविरोधी ठहराया जाता हैं.कौवो को यह भी डर है के कही कुछ कहने से गृहमंत्री अमित शाह हमारी NRC ना करा दे,इंसान ने अपने अब तक हमारे बसेरा वाले कई पेड़ तोड़ डाले कोई डॉक्युमेंटस नही.कौवोने बार बार अपने अलग अलग जगह घरोंदे बनाये है और आज भी बना रहे है,कोई डॉक्युमेंट्स नही.किसीकी भी सरकार हो किसीने न दखल नही ली.ना कौवो के पास आई डी कार्ड है.सबसे बड़ी बात कौवोके को मतदानका अधिकार तक नही है.कौवे शायद चर्चा ये भी कर रहे है के CAA का हमे कोई लाभ नही,बावजूद हम कई बार प्रताड़ित हुए है अपनोसे, मगर हमारे हक में को लड़ने वाली सियासी पार्टी है.
बताये तो कैसे अपनी नागरिकता.इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा NRC पार्लियामेंट में आया नही,अमितशाहने भारतभर NRC कराने की बात कही.प्रधानमंत्री बोले ,सुप्रीम कोर्ट के कहने पर सिर्फ आसाम केलिए NRC करनी पड़ी देश मे लागू करने की बात अफवा है.अमित शाह ने तो सारी बाते कह तो डाली है.प्रधानमंत्री रामलीलास मैदान से चीख चीख कह रहे थे. NRC झूठ है,झूठ है,झूठ है.
",NRC हमने तो बनाया नही,पार्लियामेंटमेआया नही,न कैबिनेट मे आया है,न उसके नियम कायदे बने है,हव्वा खडा कर दिया है,मेरी सरकार में NRC शब्द पर कोई चर्चा नही है"
क्या मोदीजी झूठ नहीं बोल रहे है!
उस के बाद ये भी कह रहे है,देखो देखो कौवा कान काटकर उड़ गया कह कर कौवे को बदनाम कर रहे है.सभी कौवो ने आज मोदी की तस्वीर को देखकर कह रहे हैं,"झूठ बोले कौवा काटे, झूठ बोले कौवा काटे,झूठ बोले कौवा काटे.
कुछ तो समझा करो यारो
अफज़ल सय्यद, अहमदनगर
Bjsmindia@gmail. comment for the
प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान के बाद. देशभर के कौवे फिलहाल तपतिश में लगे हुए है.वो कौनसा कौवा था,जो कान काटकर उड़ गया.कौवे इस बात से परेशान है.कौवो में भारी नाराजगी है. अब हर गली मोहल्ले,गांव,शहरके कौवोमे चर्चा है कि, हम तो पक्षी है,किसी सियासी पक्ष का हमारा कोई भी लेना देना नही है.हमारा किसीभी धर्म या मजहब में गिनती नही.हिंदू धर्म की माने तो हमे अछुतो में सुमार कर दिया गया.
किसीका बाप,दादा,को भी रिस्तेदार मर जाए तो उसकी आत्मा की शांती के लिए श्राद्ध पर मेरे अन्न को छूनेका इंतजार लोग करते है.खेतमे जब फसल आती तो गलोरसे से पत्थर बरसाते है.घरोमे तोता पालते हो,रंग रंगीले पंछी गार्डन में रखते है.कभी किसीको कौवा पालते देखा है , या गार्डन में देखा है?लेकिन श्राद्ध में अन्न को छूकर हिन्दू श्रद्धा के नुसार हिन्दुओ के मरे हुए व्यक्ति की मुक्ति कारवाने कौवे का इंतजार करते है.हम किसीको नाराज भी नही करते है.हा बस कुछ इंतजार करवाते है.
तो अब भारतभर के कौवोमें चर्चा ये भी चल रही के २०१४ के लोकसभा चुनाव के बाद सबके बँक खाते में १५ लाख रुपये आएंगे झूट चुनावी जुमले बावजूद हमने क्या कभी मोदीजी के कानको कौवे काटे हुए खबर को सुना है?सबका साथ सबका विकास जैसे कई जुमलों के बावजूद किसीभी भाजपा कार्यकर्ता को भी भारत भरसे कौवे के काटने की कोई भी खबर सुनने को नही आयी है.२०१४ से लेकर आज तक देश मे क्या और देश के बाहर किसने कई बार झूट बोला है .सारा इंडिया जानता है लेकिन देश क्या विदेसी क्या किसीभी कौवे की खबर आजतक,जी न्यूज,जैसे कोईभी न्यूज़ चैनल पर देखी या अखबारोमें पढ़ी नही होंगी.इसीलिए देशभर के कौवे परेशान है के,कौवो के बेवजह बदनामी की फरियाद किसीके पास करे ? इसिलये वो चिंतित है.
सरकार के खिलाफ कुछ कहे तो वह भी जानते है,देशविरोधी ठहराया जाता हैं.कौवो को यह भी डर है के कही कुछ कहने से गृहमंत्री अमित शाह हमारी NRC ना करा दे,इंसान ने अपने अब तक हमारे बसेरा वाले कई पेड़ तोड़ डाले कोई डॉक्युमेंटस नही.कौवोने बार बार अपने अलग अलग जगह घरोंदे बनाये है और आज भी बना रहे है,कोई डॉक्युमेंट्स नही.किसीकी भी सरकार हो किसीने न दखल नही ली.ना कौवो के पास आई डी कार्ड है.सबसे बड़ी बात कौवोके को मतदानका अधिकार तक नही है.कौवे शायद चर्चा ये भी कर रहे है के CAA का हमे कोई लाभ नही,बावजूद हम कई बार प्रताड़ित हुए है अपनोसे, मगर हमारे हक में को लड़ने वाली सियासी पार्टी है.
बताये तो कैसे अपनी नागरिकता.इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा NRC पार्लियामेंट में आया नही,अमितशाहने भारतभर NRC कराने की बात कही.प्रधानमंत्री बोले ,सुप्रीम कोर्ट के कहने पर सिर्फ आसाम केलिए NRC करनी पड़ी देश मे लागू करने की बात अफवा है.अमित शाह ने तो सारी बाते कह तो डाली है.प्रधानमंत्री रामलीलास मैदान से चीख चीख कह रहे थे. NRC झूठ है,झूठ है,झूठ है.
",NRC हमने तो बनाया नही,पार्लियामेंटमेआया नही,न कैबिनेट मे आया है,न उसके नियम कायदे बने है,हव्वा खडा कर दिया है,मेरी सरकार में NRC शब्द पर कोई चर्चा नही है"
क्या मोदीजी झूठ नहीं बोल रहे है!
उस के बाद ये भी कह रहे है,देखो देखो कौवा कान काटकर उड़ गया कह कर कौवे को बदनाम कर रहे है.सभी कौवो ने आज मोदी की तस्वीर को देखकर कह रहे हैं,"झूठ बोले कौवा काटे, झूठ बोले कौवा काटे,झूठ बोले कौवा काटे.
कुछ तो समझा करो यारो
अफज़ल सय्यद, अहमदनगर
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