पोस्ट्स

नोव्हेंबर, २०१९ पासूनच्या पोेस्ट दाखवत आहे

"बच्चे को बाहर का हुवा है!"एक अंधश्रद्धा

एक याद हसीन सी,बचपन आज याद आया!

"अब समझ मे आया चींटियाँ हमे क्यो काटती है. शायद वो हमें हमारी औकात याद दिलाती है."

मुझको कुछ कहना है! बाबरी फैसले के बाद...

"क्यो के हमारे देश मे नकारा सोच ड्राइंग जैसे अहमियत वाले सब्जेक्ट की होने वजह से स्कूल एजुकेशन में कोई अहमियत नही है!"एक हकीकत....

हजारो सालो से एक दूसरे के सुखों दुखो मे होते है सामिल, फिर भी देश मे सब धर्म खतरेमे क्यो?हकीकत कुछ और है या पोलिटिकल पॉल्युशन ?.....