पोस्ट्स

एप्रिल, २०२० पासूनच्या पोेस्ट दाखवत आहे

व्यसनयुक्त इंसानो के किधरभी,कभीभी,कैसेभी थूकने विचित्र अवगुणों अंदाज का क्या कहना!

"इलेक्शन अब खरीदा जाने लगा है.क्यों कि हमारा वोट भी तो बिकता है!"

सिग्नल के खिलौने बेचनेवालो को झिड़का तो देते है हम.आज दीपावाली पर भी बच्चो के खुशी लिए खड़े है सिग्नल पर...

"सशक्त भारत रहे,एक फिक्र बड़ के पेड़ के जुबानी."

प्रधानमंत्री खामोश क्यो रहते है?

भारतीय मुसलमानो ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है ?